जनसत्ता के लोग
सर्व श्री प्रभाष जोशी, बनवारी, हरि शंकर व्यास, जवाहरलाल कौल, अच्युतानंद मिश्र, राम बहादुर राय, मंगलेश डबराल, श्याम आचार्य, देवप्रिय अवस्थी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, परमानंद पांडेय, श्रीश मिश्र, अभय कुमार दुबे, शंभू नाथ शुक्ल, अमित प्रकाश सिंह, उमेश जोशी, अरविंद मोहन, अरविंद उप्रेती, प्रताप सिंह, आलोक तोमर, कुमार आनंद, मनोहर नायक, सतीश पेडणेकर, विवेक सक्सेना, अनंत मित्तल, प्रदीप श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, सुमित मिश्र, राजेश नायक, बृजेंद्र पांडेय, मनोज चतुर्वेदी, सुरेश कौशिक, अनिल बंसल, रजनी नागपाल, प्रदीप सिंह, अजय शर्मा, रवींद्र त्रिपाठी, पारूल शर्मा, उषा पाहवा, नीलम गुप्ता, सुरेन्द्र किशोर, महेश पाण्डेय, हेमंत शर्मा, आत्मदीप, राजीव शुक्ल, अंबरीश कुमार, संजय सिन्हा, संजय कुमार सिंह, संजय स्वतंत्र, कुमार संजोय सिंह, गणेश प्रसाद झा, संजय निरूपम, राहुल देव, इंद्र कुमार जैन, रविराज प्रणामी, हेमंत पाल, प्रभात रंजन दीन, संजय सिंढायच, शम्स ताहिर खान, ओम थानवी, जगमोहन फुटेला, प्रदीप पंडित, राजीव मित्तल, अनिल सिन्हा, अरिहन जैन, सुधीर जैन, अरुण त्रिपाठी, आर्येंद्र उपाध्याय, बालेंदु दाधीच, अकु श्रीवास्तव, अजय सेतिया, द्विजेंद्र तिवारी, गंगेश मिश्र, ओम प्रकाश, प्रियरंजन भारती, राजेश तिवारी, राकेश तिवारी, श्रीनारायण तिवारी, सदानंद गोडबोले, सत्येंद्र रंजन, सुधांशु झा, गंगा प्रसाद, सुमंत भट्टाचार्य, सुशील कुमार सिंह, राजेश जोशी, प्रियदर्शन, प्रियरंजन, अतुल जैन, बाला सुंदरम गिरि, विभूति शर्मा, अच्छेलाल प्रजापति, ज्योतिर्मय, दयानंद पांडेय, सूर्यनाथ सिंह, कश्यप गजब, अजय श्रीवास्तव, शुशील शर्मा, प्रसून लतांत, देवेंद्र राठौर, राकेश कोहरवाल, श्री भगवान सुजानपुरिया, ओमप्रकाश तपस, विमल त्रिपाठी, प्रभात डबराल, ईश्वर पाल सिंह, नरेंद्र भंडारी, अनवर चौहान, रघुनाथ, अमरनाथ, राजीव जैन, प्रभाकरमणि त्रिपाठी, प्रताप सोमवंशी, आलोक गुप्ता, शैलेंद्र श्रीवास्तव, दिलीप मंडल, भारती यादव, संजीव त्रिपाठी, राजकुमार सोनी, अनुभूति श्रीवास्तव, राजनारायण मिश्र, वर्षा दास, शशिप्रभा तिवारी, प्रतिभा शुक्ल, अरविंद शेष, प्रमोद द्विवेदी, संजीव, राजेंद्र राजन, राकेश राकी, राम बाबू, जयप्रकाश, चमन लाल और बीरबल चौरसिया के अलावा जनसत्ता से जुड़े रहे लेखक और करोड़ों पाठक.
2 comments:
Hallo,
Where are you Ganesh, plz. contect me 09755499919.
may mail id
hemantpal60@gmail.com
It looks that nobody opens and reads this. bog,not even Jansatta people. -Binod Kumar Jha, Journalist, Patna
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